सोयाबीन स्वास्थ्य लाभ
1. सोयाबीन एक प्रोटीन युक्त सब्जी है ।
2. सोयाबीन में दो प्रकार के स्वस्थ वसा होते हैं, जिन्हें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड कहा जाता है ।
3. सोयाबीन फोलेट, लोहा, कैल्शियम, विटामिन डी, जिंक, अघुलनशील फाइबर, फास्फोरस, तांबा, मैग्नीशियम, मैंगनीज और विटामिन बी का एक उत्कृष्ट स्रोत है ।
4. सोयाबीन को कई तरह से पकाया और खाया जा सकता है ।
सोयाबीन खाद्य उपयोग
सोयाबीन को अपने आहार में शामिल करने के कई सरल तरीके हैं । आप इसे अनाज, सब्जियों, फल और दूध उत्पाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं । सोयाबीनबीन को विभिन्न खाद्य व्यंजनों के रूप में प्रयोग कर सकते है ।
सोयाबीन नट
- सबसे पहले 10 मिनट में सोयाबीन को धोने और उबालने के बाद साफ करके सभी बाहरी पदार्थों को हटा दें । उबले हुए सोयाबीन को सूखने (2-3 घंटे) के लिए अलग रख दें । फिर सारा पानी निथार लें और धूप में एक घण्टा के लिए सूखने के लिए रख दें । सोयाबीन को तले या भूनें और पिसे हुए मसालों, नमक और अन्य मसालों के साथ मिलाकर उपयोग करें ।
- सोयामिल्क सोयाबीन से निकाला गया गर्म पानी है । सोयामिल्क को डेयरी दूध की तरह ही रखा और उपयोग किया जा सकता है । इसमें प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर होने के अलावा, यह लैक्टोज तथा कोलेस्ट्रॉल मुक्त है और इसमें सेटुरेटेड वसा भी कम होते है । 1 लीटर सोयाबीन दूध बनाने के लिए आपको 125 ग्राम सोयाबीन की आवश्यकता होती है । सोयाबीन के बीज को धो लें, उन्हें 10-15 मिनट के लिए उबाल लें, पानी को छान ले और उन्हें 3-4 घंटे के लिए फिर पानी में भिगो दें । सोयाबीन से पानी निकालें और अपनी हथेलियों के बीच बीज को रगड़ कर उन्हें छीलें । सोयाबीन को मिक्सी में डालें और फिर उसमें थोड़ा पानी डालकर उसका पेस्ट बनाएं । इसके बाद मिक्सर में 1 लीटर गर्म पानी डालें और फिर से चलाएं । फिर दूध को स्टोव पर रखकर गर्म करें तथा चम्मच से हिलाते हुए दूध उबालें, उबाल आने तक इसे गर्म करें और उसके बाद आंच (स्टोव) बंद कर दें । अब उबले हुए दूध को एक साफ कपड़े से छान लें । इस तरह आपका सोयाबीन दूध तैयार है ।
सोय दूध
सोय दही
- सोयाबीन दूध और डेयरी दूध को आधे-आधे अनुपात में मिलाएं और गुनगुने करने के बाद उसमें दही मिलाएं । इसे अच्छी तरह मिलाएं और दही जमाने के लिए अलग रख दें । जमाने के बाद उसे रेफ्रिजेरेटर में रख दें । इस प्रकार सोया दही को बना सकते है । इसमें उच्च पोषक तत्व होता है ।
टोफू
- सोयामिल्क से तैयार पनीर को टोफू कहा जाता है । 400 ग्राम टोफू बनाने के लिए 2 लिटर दूध की आवश्यकता होती है । सोयाबीन के दूध को 80 डिग्री तापमान तक आने दे । अब सोयाबीन के दूध में नींबू का रस मिलाएं और 1-2 बार चलाएं । ध्यान रखे कि लगातार नहीं हिलाना है । थोड़ी देर बाद आप इसमें से दूध के लेप और पानी को अलग होते हुए देख पाएंगे । एक साफ मलमल के कपड़े से तुरंत जमा हुआ दूध को छान लें और फिर उस पर एक भारी सामान रख दें । पनीर की तरह उपयोग करने के लिए इसे चाकू से छोटे टुकड़ों में काट लें ।
- सोया के आटे को विभिन्न तरीकों से बनाया जा सकता है, जैसे - फुल फैटेड, कम डिफैटेड, डिफैटेड, रोस्टेड, एंजाइम वाला या बिना एंजाइम वाला,लेसिथिनेटेड आदि । फुल फैटेड सोया आटा को आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है । घर पर बनाने के लिए, साफ सोयाबीन को पानी से धोएं । 20 मिनट के लिए उबालें और दो से तीन दिनों के लिए सूखने को छोड़ दे और फिर मिक्सर और ग्राइंडर में पीस लें । चपाती तैयार करने के लिए गेहूं के आटे में सोया आटा मिलाएं । अच्छी तरह से चपाती बनाने (फोर्टीफिकेशन) के लिए 9 किलो गेहूं के आटे में 1 किलो सोया आटा मिलाएं।
सोया आटा
सोया चकली
- सोया चकली बनाने के लिए सबसे पहले चावल का आटा (200 ग्राम), उड़द दाल का आटा (100 ग्राम), सोया आटा (100 ग्राम) को अच्छी तरह से छान ले, फिर उसे मिला ले । अब उसमें सभी मसाले (अजवाइन, जीरा, लाल मिर्च, हींग, नमक) और तेल डाल कर अच्छी तरह मिलाएँ । नरम आटा गूंथने के लिए थोड़ा पानी डालें और चकली के सांचे में डालें । गोल चकली बनाने के लिए मशीन के ऊपर दबाकर चारो ओर घुमाते हुए तैयार करें । अब उन्हें पैन में डालें और धीमी या मध्यम आंच पर भूनें ।
सोया लड्डू
- सोया-आटा लड्डू अधिक ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ हैं, जो सर्दियों में खाये जाते हैं । एक कड़ाही में घी डालें और इसे गर्म होने दें । अब उसमें 1:1 अनुपात में छाना हुआ साफ गेहूँ और सोया का आटा डालें और लगातार हिलाएँ । आटे को मध्यम आंच पर तब तक भूनिए जब तक कि इसका रंग हल्का भूरा न हो जाए और आपको अच्छी सुगंध न मिले । थोड़े गर्म भुने हुए आटे में काजू के टुकड़े, चीनी और नारियल का क्रश किया गया टुकड़ा डालें । अब उसे अच्छी तरह से मिलाएं । इसके बाद अपने हाथों में थोड़ा सा मिश्रण लें और इसे गोल बनाने के लिए चारो ओर घुमाएं ।
- साफ गेहूं का आटा और सोया आटा (2:1) लें, एक साथ छलनी से छान ले और आटे में नमक, अजवाइन और घी डालें और ठीक से मिलाएं । थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंध लें । अब आटे के गोले बनाकर पुरी की तरह बेले । एक कतार में छोटे-छोटे गोल छेद करें (एक कांटा से) जिससे यह अंदर से भी अच्छी तरह से पक जाए और जिससे यह पुरी की तरह फुला हुआ न हो पाए । एक फ्राइंग पैन (कढ़ाही) में तेल डालें और गरम तेल में मठ्ठा डालें । फिर इसे धीमी आंच पर अपनी सुविधानुसार पलटते हुए तब तक भूनें जब तक कि वे भूरे रंग के न हो जाएँ।
सोया मथरी
सोया नानखटाई
- सोया नानखटाई को भारी बेस या प्रेशर कुकर की सहायता से कड़ाही में गैस पर तैयार किया जा सकता है । साफ गेहूं का आटा और सोया आटा (2:1) लें, एक साथ चलनी से छान लें । छिलके वाली इलायची और पतले टूकड़े वाले पिस्ता को पीस लें । कमरे के तापमान पर ही मक्खन पिघलाएं । मैदा, भुना हुआ सोया आटा, बेकिंग पाउडर, इलायची पाउडर और चीनी मिलाएं । अब इस मिश्रण में पिघला हुआ मक्खन डालें और अपने हाथों से आटा को मिलाते हुए नरम कर ले । भारी और समतल आधार वाला एक बर्तन लें और इसमें 400 ग्राम नमक या रेत मिलाएं । इसे चारों ओर समान रूप से फैलाएं और बर्तन में एक तार या जाली वाला स्टैंड रखें । बर्तन को ढंक दें और इसे धीमी आंच पर गर्म होने दें । इस बीच नानखटाई के छोटे-छोटे गोले तैयार करें और उन्हें एक तेल लगे प्लेट पर रखें । धीमी आंच पर नानखताई को 15-20 मिनट तक फकाऐं (बेक करें) ।
सोया उपमा
- सोया ओकारा और सूजी को 1:1 अनुपात में मिलाएं और इसे लगातार चलाते हुए भूरा होने तक भूने । भुने मिश्रण को प्लेट में अलग रख दें । अब मूंगफली को भूरा होने तक भूनें और एक तरफ रख दें । कड़ाही में तेल गरम करके उसमें सरसों डालें, जब सरसों अच्छी तरह से भून जाएँ, तो उसमें हरी मिर्च, गाजर और मटर डालें और 2-3 मिनट तक भूनें । अब भुना हुआ ओकारा-सूजी डालें और ठिक से मिलाने के लिए तीन गुना पानी डालें । स्वादानुसार नमक डालें और अधिक मोटा करने के लिए उसमें मूंगफली डालें और 3-4 मिनट तक पकाएँ ।
- कड़ाही में घी डालकर गर्म करें । उसमें सूजी ओकरा मिक्स (1:1) को डालें और भूरा होने तक भूनें । भुनने के बाद मिश्रण में 4 गुना पानी डालें और इसे गाढ़ा होने तक हिलाते रहें । बनाते समय आंच को कम रखें और अंत में काजू, बादाम और किशमिश डाल कर अच्छी तरह से मिला लें ।
सोया हलवा
सोया पकोड़ा
- बराबर अनुपात में ओकरा और बेसन जोड़ें । हरी मिर्च-अदरक-लहसुन का पेस्ट, बारीक कटा प्याज और धनिया पत्ती, मसाले (हींग, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक) डालकर अच्छी तरह मिलाएँ । भाजी बनाने के लिए बैटर तैयार है । कड़ाही में तेल गरम करें और हाथों से छोटे-छोटे हिस्से डालें । हल्का भूरा होने तक तलें और फिर इसे तेल से निकाल लें ।
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